गणना प्रपत्र प्रारूप डाउनलोड PDF – SIR फॉर्म डाउनलोड | SIR Enumeration Form | SIR गणना प्रपत्र | sir form kaise download kare

फॉर्म डी, जिसे आधिकारिक तौर पर शिपमेंट इंटीग्रिटी रिपोर्ट (Shipment Integrity Report – SIR) के नाम से जाना जाता है, उत्तर प्रदेश में व्यवसाय करने के लिए एक आवश्यक कानूनी दस्तावेज है। यह मुख्य रूप से वैट (मूल्य वर्धित कर) और व्यापार पंजीकरण से संबंधित है। जब कोई व्यापारी एक राज्य से दूसरे राज्य में सामान (माल) का परिवहन करता है, तो उसे यह फॉर्म भरकर कर अधिकारियों को दिखाना होता है।

फॉर्म डी का उद्देश्य और महत्व

फॉर्म डी का प्राथमिक उद्देश्य अंतर-राज्यीय व्यापार पर नज़र रखना और कर संग्रह को सुनिश्चित करना है। यह एक प्रमाण पत्र की तरह काम करता है जो दर्शाता है कि माल का परिवहन कानूनी और पारदर्शी ढंग से किया जा रहा है। इसके बिना, कर अधिकारी परिवहन में लगे वाहन को रोक सकते हैं या जुर्माना लगा सकते हैं।

फॉर्म डी डाउनलोड और आवेदन प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश में फॉर्म डी प्राप्त करने की प्रक्रिया मुख्यतः ऑफलाइन है। नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

चरण 1: आधिकारिक स्रोत से फॉर्म डाउनलोड करें

सबसे पहले, फॉर्म को उत्तर प्रदेश सरकार के वाणिज्यिक कर विभाग (Commercial Tax Department) की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें। आप “UP VAT Form D” या “UP Commercial Tax Form” जैसे कीवर्ड्स से खोज कर सीधे डाउनलोड सेक्शन में जा सकते हैं।

चरण 2: फॉर्म को सही तरीके से भरें

फॉर्म डी में निम्नलिखित जानकारी सटीक रूप से भरनी आवश्यक है:

  • व्यापारी/दुकानदार का विवरण: नाम, पता, व्यापार पंजीकरण संख्या (TIN)।

  • परिवहन का विवरण: वाहन का नंबर, परिवहन करने वाले का नाम।

  • माल का विवरण: सामान का प्रकार, मात्रा, मूल्य।

  • स्रोत और गंतव्य: माल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले का पूरा पता।

  • हस्ताक्षर: व्यापारी/दुकानदार के अधिकृत हस्ताक्षर।

चरण 3: संबंधित कर अधिकारी से सत्यापन करवाएं

फॉर्म भरने के बाद, इसे अपने क्षेत्र के वाणिज्यिक कर अधिकारी (Commercial Tax Officer) के कार्यालय में ले जाकर जमा करना और सत्यापित करवाना होता है। अधिकारी फॉर्म जांचने के बाद उस पर अपनी मुहर लगा देते हैं, जिसके बाद यह माल ढुलाई के लिए वैध हो जाता है।

चरण 4: फॉर्म की प्रति साथ रखें

सत्यापित फॉर्म की मूल प्रति ड्राइवर के पास परिवहन के दौरान होनी चाहिए। व्यापारी के पास भी इसकी एक कॉपी रिकॉर्ड के लिए रखनी चाहिए।

महत्वपूर्ण बातें और सावधानियाँ

  • आधिकारिक स्रोत: फॉर्म हमेशा सरकारी वेबसाइट या अधिकृत कार्यालय से ही डाउनलोड या लें। निजी वेबसाइटों के फॉर्म अप-टू-डेट नहीं हो सकते।

  • सही और पूर्ण जानकारी: फॉर्म में कोई भी गलत या अधूरी जानकारी भरने पर जुर्माना या कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

  • समयसीमा: आमतौर पर माल की ढुलाई शुरू करने से पहले ही फॉर्म तैयार और सत्यापित करवा लेना चाहिए।

  • ऑनलाइन पोर्टल: उत्तर प्रदेश सरकार अपने कर संबंधी सेवाओं को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया में है। उत्तर प्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देखें कि क्या अब फॉर्म डी के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है।

सहायता और संपर्क

किसी भी समस्या या स्पष्टीकरण के लिए:

  1. अपने जिले के वाणिज्यिक कर अधिकारी के कार्यालय में संपर्क करें।

  2. उत्तर प्रदेश वाणिज्यिक कर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर या ई-मेल पते का उपयोग करें।

  3. आधिकारिक वेबसाइट पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) सेक्शन देखें।

फॉर्म डी व्यवसाय की कानूनी जिम्मेदारी का एक अहम हिस्सा है। इसे सही ढंग से और समय पर तैयार करने से आपकी व्यावसायिक सामग्री की ढुलाई निर्बाध रूप से हो सकेगी और कानूनी दंड से बचा जा सकेगा।

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